Thursday, February 14, 2008

माल किसान का और भुगतान आढ़ती कोअगर

आप किसान परिवार से नहीं है और अपना माल (फसल) बेचने के लिए कभी मंडी नहीं गए हैं, तो यह खबर आपको चौंका सकती है कि किसान मंडियों में अपना माल सीधे नहीं बेच सकता है। हर साल रबी व खरीफ दोनों सीजन में सरकारी एजेंसियां, जिसमें सबसे बड़ी एजेंसी एफसीआई है, मंडियों में अपने एजेंट मतलब आढ़ती के माध्यम से फसल की खरीद करते हैं। इस व्यवस्था के कारण किसान अपनी फसल आढ़ती के यहां ढेरी लगाकर रखता है, इसके बाद एफसीआई के अधिकारी आते हैं और ढेरी देखकर उसकी कीमत तय करते हैं। कीमत तय करने में किसान का कोई रोल नहीं होता है। कीमत तय होने के बाद एफसीआई की ओर से जो चेक जारी किया जाता है, वह आढ़ती के नाम होता है। अगर किसान अपनी फसल को सीधे बेचना चाहता है, तो वह बेच नहीं सकता है। वह अपना माल आढ़ती के जरिए ही बेच सकता है। यह अलिखित कानून मंडियों में चलता है।